adani group की कंपनियों की वैल्यू में रिकॉर्ड इजाफा पतंजलि को झटका

adani group vs baba ramdev

adani group शेयर बाजार में तेजी के साथ मूल्य के हिसाब से अडानी समूह की कंपनियों को सबसे ज्यादा मुनाफा हुआ है। वहीं, मुकेश अंबानी की रिलायंस दूसरे स्थान पर रही है। जबकि योगगुरु रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद के मूल्यांकन में गिरावट आई है। बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है।

Ambani vs Adani

अडानी समूह में कितना उछाल: छह महीने यानी नवंबर से लेकर अप्रैल, 2022 के दौरान समूह का मूल्यांकन 88.1 प्रतिशत उछलकर 17.6 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

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Adani-Group-vs-Patanjali-Group
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रिपोर्ट के अनुसार, गौतम अडानी की अगुवाई वाली कंपनियों में अडानी ग्रीन एनर्जी का मूल्यांकन सबसे तेजी से 139 प्रतिशत बढ़कर 4.50 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके साथ कंपनी छठे स्थान पर आ गई, छह माह पहले 16वें स्थान पर थी।

अडानी विल्मर इस दौरान करीब 190 प्रतिशत बढ़कर 66,427 करोड़ रुपये, अडानी पावर 157.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 66,185 करोड़ रुपये पहुंच गयी। समूह की कुल नौ कंपनियों का मूल्यांकन छह महीने के दौरान (नवंबर 2021 से अप्रैल 2022) 88.1 प्रतिशत बढ़कर 17.6 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इनकी 500 शीर्ष कंपनियों में हिस्सेदारी 7.6 प्रतिशत है।

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मुकेश अंबानी दूसरे स्थान पर: दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का मूल्य 13.4 प्रतिशत बढ़कर 18.87 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) सूची में 12.97 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ तीसरे स्थान पर रही।

हालांकि, उसका मूल्य इस दौरान 0.9 प्रतिशत घटा है। इसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और आईसीआईसीआई बैंक का स्थान रहा।

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रामदेव की कंपनी में गिरावट: जिन कंपनियों के मूल्यांकन में गिरावट और रैंकिंग में कमी देखी गयी, उसमें बाबा रामदेव की अगुवाई वाली पतंजलि आयुर्वेद शामिल है। कंपनी का मूल्य 17.9 प्रतिशत घटकर 23,000 करोड़ रुपये रहा। साथ ही यह रैंकिंग में फिसलकर 184वें स्थान पर आ गयी जबकि पहले 34वें पायदान पर थी।

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गैर-सूचीबद्ध कंपनियों का हाल: रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल Razorpay, ओला कैब्स, स्विगी और पारले प्रोडक्ट्स उन शीर्ष दस गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल थे, जिन्होंने पिछले साल अपने मूल्यांकन में भारी वृद्धि देखी थी। प्रतिशत के हिसाब से Razorpay का बाजार मूल्यांकन 155.1% बढ़कर, 57,400 करोड़ हो गया।

2021 में ओला कैब्स का बाजार मूल्यांकन 148% बढ़कर 55,800 करोड़ रुपये हो गया, जबकि स्विगी का मूल्यांकन 98.3% और पारले प्रोडक्ट्स का वैल्यूएशन 93% बढ़ गया है।

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