Adani Group Fitch की तरक्की पर ने उठाए सवाल शेयर बेचने लगे निवेशक

Adani Group Fitch

Fitch रेटिंग्स की क्रेडिटसाइट्स ने अडानी समूह को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में अडानी समूह के आक्रामक विस्तार के अलावा कर्ज और कैश फ्लो को लेकर चिंता जाहिर की गई है। इस रिपोर्ट के आने के बाद मंगलवार के कारोबार में अडानी समूह की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयर में बिकवाली का माहौल रहा।

लिस्टेड कंपनियों के शेयर का हाल

  • अडानी पोर्ट: शेयर का भाव 827 रुपया (1.58% की गिरावट)

-अडानी विल्मर: शेयर का भाव 697 रुपया (3.71% की गिरावट)

  • अडानी एंटरप्राइजेज : शेयर का भाव 3014.75 रुपया (1.22% की गिरावट)
  • अडानी ग्रीन एनर्जी : शेयर का भाव 2402 रुपया (4.66% की गिरावट)

-अडानी ट्रांसमिशन: शेयर का भाव 3432.15 रुपया (1.31% की गिरावट)

  • अडानी पावर: शेयर का भाव 411.20 रुपया (4.99% की गिरावट)
  • अडानी टोटल गैस: शेयर का भाव 3347.45 रुपया (0.74% की गिरावट)

Adani ports share | adani data center
Adani ports share | adani data center

क्या है रिपोर्ट में: क्रेडिटसाइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक अडानी समूह द्वारा किए गए आक्रामक विस्तार ने इसके क्रेडिट मेट्रिक्स और नकदी प्रवाह पर दबाव डाला है। इससे समूह कर्ज के जाल में आ सकता है। एजेंसी ने अडानी समूह के प्रमोटर्स से फंड इन्फ्यूजन का जिक्र करते हुए कहा बताया कि हमें समूह की कंपनियों में प्रमोटर इक्विटी पूंजी इंजेक्शन के बहुत कम सबूत दिखाई देते हैं।

Adani Group Fitch

सरकार से संबंध है राहत की खबर: हालांकि, क्रेडिटसाइट्स के विश्लेषकों का मानना है कि अडानी समूह के बैंकों के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशासन के साथ  मजबूत संबंध हैं और इस वजह से समूह को राहत मिलेगी। रिपोर्ट में अडानी समूह के नए और असंबंधित व्यवसायों में प्रवेश करने पर भी चिंता जाहिर की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक बाजार में प्रभुत्व हासिल करने के लिए अडानी समूह और मुकेश अंबानी की रिलायंस के बीच संभावित मजबूत प्रतिस्पर्धा से भी असर पड़ने की आशंका है।

आक्रामक कारोबार विस्तार: बता दें कि अडानी समूह बीते कुछ साल से आक्रामक कारोबार विस्तार में जुटा है। इसी साल समूह ने जुलाई में 1.2 अरब डॉलर में इजरायल में हाइफा बंदरगाह और मई में स्विस फर्म होल्सिम की भारतीय सीमेंट इकाइयों को 10.5 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया था। इसके अलावा लगभग तीन दर्जन बड़े और छोटे अधिग्रहण किए।

 

यह मीडिया, स्वास्थ्य देखभाल और डिजिटल सेवाओं में भी विस्तार कर रहा है। समूह भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बंदरगाह ऑपरेटर, कोल माइन, एयरपोर्ट और गैस डिस्ट्रिब्यूटर के संचालक का मालिक है। यह समूह ग्रीन एजर्नी में भी दबदबा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

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