केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा को सैटेलाइट लॉन्चर के निर्माण में रुचि दिखाने वाली निजी कंपनियों के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने यह भी बताया कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में निजी खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और एलएंडटी सरकार संचालित उद्यमों के दो संघों का हिस्सा हैं

जिन्होंने उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने के लिए इसरो के वारहॉर्स रॉकेट पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी) बनाने में रुचि दिखाई है।

अंतरिक्ष के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड ने पांच पीएसएलवी का निर्माण करने के लिए भारतीय उद्योग से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि दो संघों ने पीएसएलवी के निर्माण के लिए टेक्नो-कमर्शियल प्रस्ताव पेश किए हैं।

उन्होंने बताया कि इसके पहले संघ में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और लार्सेन एंड ट्यूब्रो (एल एंड टी) शामिल हैं।

वहीं, दूसके संघ में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड  और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड  शामिल हैं।